किसानों की उम्मीदों पर फिरा पानी ,बीज भी नही निकाल पा रहे किसान

सुरेन्द्र जैन -मालथौन।एमपी में किसान लगतार प्राकृतिक आपदाओं का शिकार होता आ रहा हैं कभी भृष्ट सरकारी तंत्र की लापरवाही ,भृष्ट नीति की भेंट चढ़ रहा है सरकार खेती को लाभ का धंधा बनाने का दम्भ भरती है लेकिन किसानी नुकसान का धंधा साबित हो रही हैं।
सागर के मालथौन क्षेत्र में खरीफ की फसलें अफलन ,अतिबृष्टि से चौपट हो गई ,किसान की हालत दयनीय बनी हुई है खेतो में सोयाबीन की उपज बयां कर रही हैं किसानों का बीज भी फसलों की कटाई और ट्रेक्टर थ्रेसर के किराए की रकम भी अदा नहीं कर पाये हैं उपज को देखकर दर्द के आंसू वहां रहा है।

किसान की खरीफ फसल में बर्बाद हो चुका है रवि फसल को किसान तैयारी कैसे करें। 

उम्मीदों पर फिरा पानी- पटवारी हल्का भेलैया के किसान देवी सिंह ने बताया कि 6 एकड़ के खेत मे 3 बोरा सोयाबीन बोया था जिसका हार्वेस्टिंग करवाया है 25 किलो सोयाबीन की उपज निकली देखकर हैरान हो गया।

कृषक राहुल जैन ने बताया 7 बोरा सोयाबीन बोया था 2 बोरा सोयाबीन निकला हैं जिसमें मजदूरी भी नहीं निकली है इस बार फसल में बुरा हाल हुआ है बहुत नुकसान हैं

मालथौन के पटवारी हल्का 05 के किसान प्रेमकुमार जैन ने बताया कि11 एकड़ भूमि में 6 बोरा सोयाबीन बोया था 5 बोरा सोयाबीन निकला हैं ,3 एकड भूमि में कुछ नहीं निकला ,बखर दिया।अब किसान क्या करें।
सरकार कह रही खेती को लाभ का धंधा बना रहे अब किसानों की फसलों का यह आलम हैं इस बर्ष किसान खरीफ फसल में बुरी तरह से टूट गया।

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