चनौआ गांव का टमाटर छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश व महाराष्ट्र में भी प्रसिद्ध

देसी और स्वादिष्ट होने से अच्छे मिल रहे दाम
ravi soni गढ़ाकोटा
।सागर रोड पर बसे चनौआ गांव का टमाटर प्रदेश भर में प्रसिद्ध हैं। टमाटर खरीदने के लिए बाहर से व्यापारी भी आते हैं । साथ ही आसपास गांव के व्यापारी भी टमाटर बेचने बाहर ले जाते हैं। अच्छे दामों का व्यापार होता हैं। यहां का टमाटर देसी और स्वादिष्ट होने के कारण इसकी पूछपरख मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़,उत्तरप्रदेश सहित महाराष्ट्र में भी बड़ रही है। चनौआ गांव में सप्ताह में दो दिन टमाटर का बाजार लगता है। और व्यापारी टमाटर को खरीद कर नागपुर,कटनी जबलपुर पन्ना,छतरपुर झांसी, महोबा, रायपुर सहित आदि जगहों बेचते है। किसान मुकेश पटैल, इमरत कुर्मी, नारायण कुर्मी, छोटू कुर्मी, रामा पटेल, द्वारका कुर्मी, सुनील विश्वकर्मा ने बताया यहां आसपास के दर्जनों गांवों के किसान सब्जी पैदावार कर परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। आलू,लौकी,भिंडी,टमाटर, बैंगन,मिर्ची,अदरक लहसुन से किसान अपनी तकदीर बदल रहे है। किसानों ने बताया कि एक एकड़ में टमाटर की बीज लगाने से पचास हजार रूपए तक का खर्च आता है । फसल दो से तीन माह में तैयार हो जाती है। और लगभग तीन से चार लाख रुपए तक का मुनाफा हो जाता है। टमाटर को कतार से कतार की दूरी एक फीट में लगाते हैं। 60 दिनों से फसल आनी शुरू हो जाती हैं। एक पौधे में लगभग 12 किलो टमाटर उगते है।गांव वालों ने बताया कि चनौआ बस स्टैंड पर शासकीय जगह न होने से टमाटर का बाजार वहीं सड़क किनारे निजी भूमि पर भरता है जिससे दुर्घटनाओ की आशंका बनी रहती है। जबकि आगे पठरिया पावर हाऊस के पास शासकीय जगह है वहां बाजार भर सकता है। प्रशासन द्वारा कोई सुविधा मुहैया नहीं कराई जाती है। टमाटर व्यापारी बद्री कुर्मी,भगवत कुर्मी ने बताया कि एक हजार कैरेट टमाटर,लगभग 25 टन टमाटर बाहरी बाजारों विक्रय हेतु लेे जाते है।
चनौआ परासिया गांव के निवासी जनपद अध्यक्ष संजय दुबे ने बताया कि यहां के किसान साग सब्जी की खेती में ज्यादा रूझान दिखा रहे है।

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